2010 का रोमांच बहुत सी यादों के साथ खत्म हो गया। स्पेन ने हालैंड को 1-0 से हराकर
फुटबाल वल्र्ड कप 2010 अपने नाम किया। स्पेन जहां पहली बार फाइनल में पहुंचा था
वहीं हालैंड 1974 और 78 के फाइनल में भी हार का सामना कर चुका है। फुटबाल की दुनिया
में विश्व विजेता का ताज पहनने वाली स्पेन आठवीं टीम है और पहली ऐसी टीम है जो यूरो
चैंपियन होने के साथ विश्व विजेता बनने में भी सफल रही। इसके अलावा स्पेन ऐसी पहली
टीम है जिसने अपना पहला मैच हारने के बाद विश्व कप का खिताब जीता हो। स्पेन की इस
जीत केसाथ ही आक्टोपस पाल की इस विश्व कप की आखरी भविष्यवाणी भी सही साबित हुई। इन
दोनों देशों के फाइनल में पहुंचने के बाद से ही यह तय था कि इस बार फुटबाल को नया
चैंपियन मिलने वाला है। दोनों टीमें निर्धारित समय तक कोई गोल नहीं कर पाईं।
एक्स्ट्रा टाइम के आखरी समय में स्पेन के आंद्रेस इनियेस्टा ने गोल दाग कर अपनी टीम
की जीत सुनिश्चित की। पिछले कई सालों से बेहतर फुटबाल खेल रहे स्पेन ने अपने देश को
खुशी मनाने का एक बड़ा मौका दिया। फुटबाल का समापन समारोह भी भव्य रहा। नेल्सन
मंडेला और शकीरा इसके आकर्षण का केंद्र रहे। रंगभेद के खिलाफ जंग लडऩे वाले मंडेला
महज चंद मिनटों के लिए साकर सिटी स्टेडियम पहुंचे। इसी के साथ पिछले लगभग एक महीने
से पूरे अफ्रीका और खासतौर से दक्षिण अफ्रीका में जारी फुटबाल का बुखार भी थम
जाएगा। शोर के आदी हो चुके कान अब शायद इसके लिए तरस जाएं। फुटबाल का अगला महाकुंभ
फुटबाल के जोगा बोनिता यानि सुंदर और प्रवाहमय सांबा फुटबाल के देश ब्राजील में
होगा। शकीरा ने लाइट शो और आतिशबाजी के बाद अपना जलवा बिखेरा। उन्होंने उदघाटन
समारोह में विश्व कप के गीत वाका-वाका से दर्शकों का मन मोह लिया और समापन समारोह
में भी उन्होंने इस गीत पर लोगों को थिरकने के लिए मजबूर कर दिया। उनके इलावा
ग्रेमी पुरस्कार विजेता कापेला समूह की लेडीस्मिथ ब्लैक माम्जो भी समापन समारोह की
आकर्षण रहीं। इस समारोह में अफ्रीका के कई देशों के प्रतिनिधियों ने भी हिस्सा
लिया। दक्षिण अफ्रीका में जब 19वां फीफा विश्व कप शुरू हुआ तो माना जा रहा था कि
वायने रूनी, क्रिस्टियानो रोनाल्डो, लियोनेल मेसी और काका जैसे दिग्गज फुटबालर इस
महाकुंभ के महानायक बनकर उभरेंगे। लेकिन आखिर में कोई खिलाड़ी नहीं बल्कि सुदूर
जर्मनी के ओबेरहासेन शहर में एक छोटे से टैंक में कैद आठ पैरों वाला आक्टोपस पॉल सब
पर भारी पड़ा। अपनी भविष्यवाणियों के कारण पाल बाबा, संत पाल और पंडित पाल बने
आक्टोपस ने यूं तो लीग चरण से ही जर्मनी के मैचों के विजेता के बारे में बताना शुरू
कर दिया था लेकिन नाकआट चरण में उन्हें ज्यादा लोकप्रियता है।
कौन है ऑक्टोपस ऑक्टोपस ऑक्टोपस
का जन्म ब्रिटेन में हुआ है। इसके मालिक का कहना है कि इसने 2008 में यूरोपीय
चैंपियनशिप के दौरान भी 70 फीसदी सही भविष्यवाणी की थी। कुछ ज्योतिषियों की भी राय
है कि ऑक्टोपस में ताकत है और प्रकृति की ताकत से सब संभव है। इसलिए यह ऑक्टोपस जो
भविष्यवाणी कर रहा है, उसके सच होने की संभावना काफी ज्यादा है।
शकीरा
का जलवा भी रहा वल्र्ड कप के दौरान शकीरा ने लोगों का खूब मनोरंजन किया।
फुटबाल के लिए गाए गाने 'वाका-वाका दिस टाइम फॉर साउथ अफ्रीका' लोगों की जबान पर
चढ़ गया और शायद तब तक रहेगा जब तक शकीरा अपने चाहने वालों को कोई नया गाना नहीं
देती।कौन है आंद्रेस इनियेस्टा 116वें मिनट में
जैसे ही आंद्रेस इनयेस्टा ने स्पेन के लिए गोल दागा। उसी समय से लगभग स्पेन की जीत
तय हो गई थी। उसके बाद स्पेन के हीरो बनकर उभरे इनियेस्टा ही खबरों में छाए रहे।
आंद्रेस के इसी हैरतअंगेज गोल के बूते पर स्पेन ने जीत को भी पाया। 11 मई 1984 को
स्पेन में पैदा हुए आंद्रेस इनियेस्टा में बचपन से ही फुटबाल का एक अच्छा खिलाड़ी
होने के लगभग सभी गुण थे। इनियेस्टा ने अपना पहला अंतर्राष्ट्रीय मैच 27 मई 2006 को
रशिया के खिलाफ खेला था। ये स्पेन की टीम में मिड फिल्डर के तौर पर जुड़े थे।
इनियेस्टा अभी स्पेन के बरसेलोना कल्ब से जुड़े हैं और 2014 तक इसी कल्ब के लिए
खेलेंगे। इनियेस्टा मैदान में किसी भी जगह खेलने का माद्दा रखते हैं और उनके कोच
उन्हें मैदान में मिड फिल्डर की जिम्मेदारी सौंपी है। इनियेस्टा के इसी गोल के लिए
उन्हें मैन ऑफ द मैच का खिताब भी दिया गया। इस जीत के बात इनियेस्टा जब अपने देश
स्पेन पहुंचे तो लोगों ने उनका बड़ी ही गर्मजोशी के साथ स्वागत किया।
का जन्म ब्रिटेन में हुआ है। इसके मालिक का कहना है कि इसने 2008 में यूरोपीय
चैंपियनशिप के दौरान भी 70 फीसदी सही भविष्यवाणी की थी। कुछ ज्योतिषियों की भी राय
है कि ऑक्टोपस में ताकत है और प्रकृति की ताकत से सब संभव है। इसलिए यह ऑक्टोपस जो
भविष्यवाणी कर रहा है, उसके सच होने की संभावना काफी ज्यादा है।
शकीरा
का जलवा भी रहा वल्र्ड कप के दौरान शकीरा ने लोगों का खूब मनोरंजन किया।
फुटबाल के लिए गाए गाने 'वाका-वाका दिस टाइम फॉर साउथ अफ्रीका' लोगों की जबान पर
चढ़ गया और शायद तब तक रहेगा जब तक शकीरा अपने चाहने वालों को कोई नया गाना नहीं
देती।कौन है आंद्रेस इनियेस्टा 116वें मिनट में
जैसे ही आंद्रेस इनयेस्टा ने स्पेन के लिए गोल दागा। उसी समय से लगभग स्पेन की जीत
तय हो गई थी। उसके बाद स्पेन के हीरो बनकर उभरे इनियेस्टा ही खबरों में छाए रहे।
आंद्रेस के इसी हैरतअंगेज गोल के बूते पर स्पेन ने जीत को भी पाया। 11 मई 1984 को
स्पेन में पैदा हुए आंद्रेस इनियेस्टा में बचपन से ही फुटबाल का एक अच्छा खिलाड़ी
होने के लगभग सभी गुण थे। इनियेस्टा ने अपना पहला अंतर्राष्ट्रीय मैच 27 मई 2006 को
रशिया के खिलाफ खेला था। ये स्पेन की टीम में मिड फिल्डर के तौर पर जुड़े थे।
इनियेस्टा अभी स्पेन के बरसेलोना कल्ब से जुड़े हैं और 2014 तक इसी कल्ब के लिए
खेलेंगे। इनियेस्टा मैदान में किसी भी जगह खेलने का माद्दा रखते हैं और उनके कोच
उन्हें मैदान में मिड फिल्डर की जिम्मेदारी सौंपी है। इनियेस्टा के इसी गोल के लिए
उन्हें मैन ऑफ द मैच का खिताब भी दिया गया। इस जीत के बात इनियेस्टा जब अपने देश
स्पेन पहुंचे तो लोगों ने उनका बड़ी ही गर्मजोशी के साथ स्वागत किया।
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