Saturday, December 11, 2010

जोश और जज्बे से भरपूर एक छोटी सी शुरुआत


कुछ कर गुजरने के लिए दिल्ली आ गया हूं। बड़ों का आर्शीवाद, छोटों का प्यार
और कुछ अच्छे लोगों का साथ भी है। देखते हैं खुदा कब तक परखता
है...।

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